श्री रवि भूषण पाठक जी

युवा लेखक सतेन्द्र ने हिन्दी गद्य के प्रति अपना राग प्रदर्शित किया है, निःसंदेह यह अभिरुचि रोचक है। मेरी शुभकामना है कि सतेन्द्र जी न केवल विषय, उप-विषय बल्कि घटना, मनोविज्ञान और चरित्र चित्रण के हर एक पहलू को अभूतपूर्व विदग्धता से प्रदर्शित करेंगे। इनकी हर एक रचना अपने पाठकों का स्नेह प्राप्त कर सके इन्हीं मंगलकामनाओं के साथ…

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